जानें बुलडोजर मंत्री के नाम से मशहूर मध्य प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री के बारे में

श्री बाबूलाल गौर जी एक महान राजनायक होने के साथ एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के स्वामी भी थे। श्री बाबूलाल गौर जी मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री है। श्री बाबूलाल गौर जी का भारतीय राजनीति में अतुलनीय स्थान रहा है। आज भले ही बाबूलाल गौर जी हमारे बीच में नहीं है परन्तु मध्यप्रदेश की जनता आज भी उनके बताए हुए सिद्धांतो पर चल रही है।

व्यक्तिगत जीवन

पिता का नाम       रामप्रसाद गौर
पत्नी का नाम      प्रेम देवी गौर
पुत्र का नाम           पुरषोत्तम गौर
जन्म  2 जून 1930
जन्म स्थाननागोरी ग्राम जिला प्रतापगढ़ उत्तरप्रदेश
निधन                 21 अगस्त 2019   
निधन स्थान                  ट्रामा सेंटर भोपाल     

हमारे माननीय पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर जी  जो आज हमारे बीच नहीं है। वे अन्य मंत्रियों जैसे नहीं थे गौर जी का दृष्टिकोण एक बेहतर सामाजिक और न्यायप्रिय दृष्टिकोण था। उन्होंने मध्यप्रदेश की जनता के लिए एक अलग ही ढंग से कार्य किया । बाबूलाल गौर जी ने बी. ए तथा एल. एल.बी से स्नातक उत्तीर्ण किया था। गौर जी ने विक्रम विश्ववद्यालय से कला स्नातक उत्तीर्ण की थी। श्री बाबूलाल गौर जी एक कृषि विशेषज्ञ भी थे। श्री बाबूलाल गौर जी का जीवन भारत के युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत है। बाबूलाल गौर जी ने कई आंदोलनों और संगठनों में हिस्सा लिया था । आईये उनके द्वारा किए गए  कार्यों पर एक नजर डालते है।

बाबूलाल जी द्वारा आंदोलनों  में भागीदारी:-

श्री माननीय बाबूलाल जी गौर वर्ष 1946 से ही स्वयं सेवक संघ के सदस्य है। बाबूलाल गौर जी ने भारतीय राजनीति में कदम रखने से पूर्व वे भोपाल के एक कपड़ा मिल में एक मामूली कर्मचारी की नौकरी किया करते थे और  बाबूलाल गौर जी  ने श्रमिको के जनहित में आंदोलन भी किए है। इसके आलावा बाबूलाल गौर जी ने राष्ट्रीय स्तर के अनेक राष्ट्रीय आंदोलन में भाग लिया । श्री बाबूलाल गौर जी भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक सदस्य भी रह चुके है जो कि भारत का सबसे बड़ा केंद्रीय श्रमिक संगठन है  इसकी स्थापना 1955 में कि गई थी। बाबूलाल गौर ने 1956 में भारतीय जनसंघ के सचिव के रूप में भी कार्य कर चुके है। इनके अलावा बाबूलाल गौर ने भारत के कई राज्यों में सक्रिय सत्याग्रहों में भी भागीदारी ली है जैसे गोवा मुक्ति आंदोलन,आपातकाल के खिलाफ आंदोलन,दिल्ली में बेरूवाड़ी और पंजाब सहित कई राज्यो में आंदोलन किए। आपातकाल के विरूद्ध किए आंदोलन में बाबूलाल गौर जी को न्यायालय द्वारा 19 महीनों की जेल की सजा भी भुगतनी पड़ी।

राजनैतिक कार्य

श्री बाबूलाल गौर जी ने पहली बार वर्ष 1974 में मध्यप्रदेश के भोपाल  दक्षिण विधानसभा में जनता के सहयोग से विधायक चुने गए। श्री बाबूलाल गौर जी ने 1990-1992 तक मध्यप्रदेश राज्य के नगरीय जनकल्याण मंत्री के पद पर रहते हुए कार्य किया। श्री बाबूलाल गौर जी 1977-2003 तक गोविंदपुरा विधानसभा से चुनाव लड़ते रहे तथा लगातार सात बार विधानसभा चुनाव में अपराजित रहे। और ये सिलसिला यहीं नहीं थमा बल्कि वर्ष 1993 के विधानसभा चुनाव में 59666 मतो के अंतर से विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर एक नया कीर्तिमान बनाया और वर्ष 2003 में गौर ने विधानसभा चुनाव में 64212 मतो के अंतर से विजय प्राप्त कर एक बार फिर कीर्तिमान स्थापित किया। श्री बाबूलाल गौर जी ने 1974 में गोवा मुक्ति आंदोलन में भाग लिया जिसके लिए भारत सरकार ने बाबूलाल गौर जी को भारत सरकार ने स्वंत्रता सेनानी का सम्मान प्रदान किया गया।

Babulal Gaur| मध्यप्रदेश के पूर्व CM ...

बाबूलाल गौर जी ने अपने जीवन में कई सामाजिक तथा सार्वजनिक कार्य किए जिनके परिणाम स्वरूप उन्हें कई बार भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया वर्ष 1991 में बाबूलाल गौर जी को वर्ष श्री से सम्मानित किया गया जो नई दुनिया भोपाल द्वारा दिया गया। इस सम्मान से माधव राव सिंधिया तथा अर्जुन सिंह के भी सम्मानित किया गया। वे 1993-1998 भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के मुख्य सचेतक और सभापति भी रहे और संगठन में नगर निकाय के प्रभारी मध्यप्रदेश महामंत्री की भूमिका को निभाया। 2003 में 10 साल बाद भारतीय जनता पार्टी उमा भारती के नेतृत्व में चुनाव में जीत हासिल की और परिणाम स्वरूप उमा भारती मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री बनी। परन्तु उनका कार्यकाल ज्यादा नहीं चल पाया 1 साल बाद ही कर्नाटक के हुबली नगर की न्यायालय से उमा भारती के खिलाफ वारंट निकला जिसके तहत उमा भारती को जेल जाना पड़ा। इसके बाद श्री बाबूलाल जी गौर को मुख्यमंत्री बनाया गया। उमा भारती ने श्री बाबूलाल गौर जी को मुख्यमंत्री इसलिए बनाया था ताकि जब उमा भारती कहे तब बाबूलाल गौर जी मुख्यमंत्री पद का त्याग कर दे परन्तु उमा भारती को क्लीन चिट मिलने के बाद जब उमा भारती ने श्री बाबूलाल गौर जी को इस्तीफा देने को कहा तो उन्होंने इस्तीफा देने से मना कर दिया।

बाबूलाल गौर के विवादित बयान :-    

बाबूलाल गौर अपने बयानों के कारण कई बार विवादों से घिरे रहते है। कई बार इन बयानों के कारण उनकी कुर्सी भी खतरे में पड़ चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी करने के कारण बाबूलाल गौर को बार बार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। बाबूलाल गौर जी का एक सामूहिक कार्यक्रम के चलते एक महिला के निजी अंगों की स्पर्श करने का वीडियो भी वायरल हुआ है।

बाबूलाल गौर ने की रूसी महिलाओं के फिगर पर अभद्र टिप्पणी :-

बाबूलाल गौर ने एक सामूहिक कार्यक्रम के दौरान अपने रूसी दौरे को याद करते हुए कहा कि वह पर एक महिला ने गौर जी से सवाल किया कि वे बिना बेल्ट की सहायता से धोती कैसे पहनते है? तो इस सवाल पर गौर जी ने जवाब में कहा कि वे धोती बांधना तो नहीं सीखा सकते लेकिन धोती खोलना जरूर सीखा सकते है वो भी अकेले में। इस घटना के बाद बाबूलाल गौर एक बार फिर सुर्खियों में रहे।

शराब की बिक्री का किया समर्थन:-

 बाबूलाल गौर ने शराब की बिक्री का समर्थन किया और बताया कि शराब पीना गलत नहीं है बल्कि शराब पीकर अपराध करना गलत है। बाबूलाल गौर ने यह तक कहा कि शराब पीना अपराध नहीं है बल्कि इसे नागरिक का अधिकार होना चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की टिप्पणी:-

बाबूलाल गौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के बारे में कहते है कि मोदी जी एक सच्चे देशभक्त है। उन्होंने देश के लिए अपनी धर्मपत्नी का त्याग किया।  देशभक्ति के लिए उनके इस त्याग और समर्पण के आगे पूरा भारत देश नतमस्तक है बाबूलाल गौर जी कहते है कि मोदी जी एक योगी, तपस्वी और एक ब्रह्मचारी भी है।

कुछ ऐसा था बाबूलाल गौर का 2 जून 1930 से ...

बाबूलाल गौर जी का निधन:-

वर्ष 2019 में भारतीय राजनीति का एक महान राजनयिक पंचतत्व में भस्मीभूत हो गए। हमारे माननीय श्री बाबूलाल जी गौर का 21 अगस्त 2019 को ट्रामा सेंटर भोपाल में निधन हो गया। श्री बाबूलाल जी गौर का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। श्री बाबूलाल जी गौर का राजकीय सम्मान से अन्तिम संस्कार किया गया। बाबूलाल गौर सदा हमारे ह्रदय में जीवित रहेंगे।  

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