लक्ष्मी अग्रवाल एक एसिड अटैक सर्वाइवर: जानिए लक्ष्य अग्रवाल के जीवन तथा करियर के बारे में

” हम सभी लोग सपने देखते है और मेरे भी कुछ सपने है जिन्हें मैं पूरा करना चाहती हूं। पर उन सपनों को पूरा करने में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हमे हमारी मुश्किलें ही बड़ी लगती है,पर ये सच नहीं होता। हमारी मुश्किलों से भी बड़ी मुश्किल है कई लोगो के जीवन में “

                        ये शब्द थे लक्ष्मी अग्रवाल के जिन्होंने अपने जीवन के सबसे कठिन समय के चलते कहे थे और वो समय था लक्ष्मी अग्रवाल पर होने वाली एसिड अटैक के बाद का।

                       एक सिंगर बनने के सपने को सजाने में लगी लक्ष्मी अग्रवाल ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक सिरफिरा आशिक़ उनके इस सपने को जलाकर खाक कर देगा। आज हम जिस लक्ष्मी अग्रवाल को जानते है,वो शुरू से ही ऐसी नहीं थी। लक्ष्मी अग्रवाल में आज जितना विश्वास और धैर्य है, वो उनमें पहले नहीं था। लक्ष्मी अग्रवाल बताती है कि वे पहले एक भोली भाली चंचल लड़की थी। जो आम लड़कियों कि तरह ही अपने सपनों को पूरा करना चाहती थी। पर कहते है ना कि आपके चाहने से क्या होता है होनी को कोई नहीं टाल सकता है। ऐसी ही एक दुर्घटना लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन में हुई। जो उनके जीवन का सबसे बुरा हादसा और सबसे अच्छा बदलाव बना।

तो आइए जानते है लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन के बारे में।

व्यक्तिगत जीवन

लक्ष्मी अग्रवाल का जन्म नई दिल्ली में 1 जून 1990 में हुआ। लक्ष्मी अग्रवाल एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। लक्ष्मी अग्रवाल वर्तमान में एक टीवी होस्ट होने के साथ साथ एसिड अटैक होने वाले पीड़ितो के अधिकारों की प्रचारक भी है। लक्ष्मी अग्रवाल ने खुद पर होने वाले एसिड अटैक का विरोध किया और इसके विरोध में “स्टॉप एसिड सेल” नामक आंदोलन चलाया। साल 2019 में “स्टॉप एसिड सेल” आंदोलन के लिए महिला व बाल विकास मंत्रालय,पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय,और यूनिसेफ के अंतराष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण पुरस्कार से सम्मानित किया लक्ष्मी अग्रवाल जी को विवा एन दिवा कंपनी का ब्रांड एंबेसेडर बनाया गया है। लक्ष्मी अग्रवाल जी को मिशेल ओबामा द्वारा प्रथम अंतराष्ट्रीय महिला सम्मान प्रदान किया गया। एसिड अटैक को रोकने के सफर में लक्ष्मी अग्रवाल की मुलाकात आलोक दीक्षित के साथ हुई। समय के साथ ये एक दूसरे के करीब आने लगे। लक्ष्मी अग्रवाल की एक बेटी भी है जिसका नाम पीहू अग्रवाल है। लोगो को यह भी लगता है कि लक्ष्मी अग्रवाल ने आलोक दीक्षित के साथ शादी की है लेकिन ऐसा नहीं है ये दोनों लिव इन रिलेशनशिप में थे। वर्तमान में लक्ष्मी अग्रवाल जी अकेले ही पीहू की परवरिश कर रही है।

लक्ष्मी अग्रवाल बनी एसिड अटैक सर्वाइवर

लक्ष्मी अग्रवाल जी बताती है कि ये एसिड अटैक उन पर 2005 में हुआ था जब वे सिर्फ 16 साल की थी। ये एसिड अटैक नईम खान ने करवाया था। इन सभी घटना की शुरुआत कुछ इस प्रकार हुई थी कि नईम खान की बहन लक्ष्मी अग्रवाल के घर आया जाया करती थी। तो इसके ही दौरान नईम खान और लक्ष्मी अग्रवाल की जान पहचान हुई। नईम खान की उम्र उस समय 32 साल थी। नईम खान लक्ष्मी अग्रवाल की और आकर्षित होने लगा था। और नईम खान लक्ष्मी अग्रवाल का पीछा करने लगा। स्कूल हो या कोचिंग वो हर समय लक्ष्मी अग्रवाल का पीछा करता था। नईम खान की इन हरकतों से लक्ष्मी अग्रवाल परेशान रहने लगी। लक्ष्मी अग्रवाल इन सभी बातों को अपने घर में भी नहीं बता रही थी उन्हें लग रहा था कि इन बातो का पता चलने पर घर वाले कहीं उनका स्कूल बंद ना करवा दे। पर धीरे धीरे नईम खान ने लक्ष्मी अग्रवाल को और भी ज्यादा परेशान करने लगा नईम खान की हरकतें इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि वो लक्ष्मी अग्रवाल के साथ हिंसा भी करने लगा था। लक्ष्मी अग्रवाल बताती है कि कभी मेसेज करके तो कभी कॉल करके नईम खान उन्हें परेशान किया करता था। और एक दिन नईम खान ने उन्हें मैसेज द्वारा प्रपोस किया और लक्ष्मी अग्रवाल को शादी करने को कहा इस पर लक्ष्मी अग्रवाल ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और एक दिन नईम खान और नईम खान के भाई की गर्लफ्रेंड ने मिलकर लक्ष्मी अग्रवाल को फॉलो करा और खान मार्केट में मौका देखकर लक्ष्मी अग्रवाल पर एसिड फेक दिया।

लक्ष्मी अग्रवाल जी बताती है कि उन पर एसिड अटैक होने पर वे बेहोश हो गई थी और होश में आने पर उन्होंने देखा कि लोग उनके चारों ओर भीड़ लगाकर खड़े है लेकिन कोई मदद नहीं कर रहा। फिर कुछ देर बाद कोई अरुण नाम के व्यक्ति ने उनकी मदद की ओर पीसीआर बुलाया। लक्ष्मी अग्रवाल का शुरुआती इलाज सरकारी अस्पताल में हुआ था और जिस एसिड से लक्ष्मी जी पर हमला हुआ था वो इतना तेज़ था कि जब उन पर इलाज के समय लगभग 20 बाल्टी पानी डाला गया था और जब ये सब हो रहा था तो लक्ष्मी अग्रवाल की नजर अपने पिता जी पर पड़ी और वे अपने पिता से गले लग गई और इसके दौरान इस एसिड से लक्ष्मी के पिता जी की शर्ट तक जल गई थी। लक्ष्मी अग्रवाल जी बताती है कि जब उन पर एसिड अटैक हुआ तो उनकी त्वचा जलती हुई प्लास्टिक के जैसे पिघल रही थी। लक्ष्मी अग्रवाल जी बताती है कि उन्होंने कई बार ऑपरेशन करवाए पर कोई फायदा नहीं हुआ। लगभग ढाई महीने बाद लक्ष्मी जी को हॉस्पिटल से छुटकारा मिला और वे अपने घर वापस आयी। लक्ष्मी जी के घर लौटने पर उनके रिश्तेदार उनसे मिलने आए थे और उन्होंने कई बाते बनाई कोई कहता था कि एसिड चेहरे के अलावा हाथ, पैर या कहीं और एसिड डाल देता, तो कोई कहता की एसिड की जगह चाकू मर देता,रिस्तेदारो ने कई बाते कहीं।

इस घटना से लक्ष्मी जी के जो दोस्त थे वो दोस्त छुट गए थे अब लक्ष्मी जी पूरे टाइम अकेले ही रहा करती थी और लक्ष्मी जी ये भी कहती है कि कई बार उनका मन आत्महत्या करने का होता था,पर लक्ष्मी जी उनके माता और पिता के बारे में सोच कर रुक जाती थी। समय बीतता गया और कुछ समय बात लक्ष्मी जी को एहसास हुआ कि जिसने मेरे ऊपर एसिड डाला था वो भी तो यही चाहता था कि लक्ष्मी जी अगर उसकी ना हो सके तो किसी कि ना हो,लक्ष्मी जी किसी से ना मिले वो अपना कोई सपना पूरा ना कर पाए। फिर लक्ष्मी जी ने वापस अपनी शिक्षा पूरी की और कंप्यूटर डिजाइनिंग का कोर्स किया। इतना सब होने के बाद ये सब रुकने नहीं वाला था कुछ समय बीतने के बाद जब ये लगने लगा कि सब ठीक हो रहा है तभी पता चला कि लक्ष्मी जी के भाई को टी.बी है। इस बात का पता चलने के कुछ दिनों के बाद लक्ष्मी जी के पिता जी की हार्ट अटैक के कारण देहांत हो गया। अब परिवार की पूरी जिम्मेदारी लक्ष्मी जी के कंधो पर आ गई थी। अब लक्ष्मी जी ने अपनी शिक्षा के दम पर नौकरी प्राप्त की और अपने परिवार की जिम्मेदारी निभाने लगी और अब हम सभी लक्ष्मी अग्रवाल जी को एक टीवी होस्ट के रूप में जानते है लक्ष्मी जी को अपने कई कार्यों के कारण सम्मानित भी किया गया है। मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित फिल्म “छपाक” लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन पर आधारित है। जिसमे लक्ष्मी जी की भूमिका दीपिका पादुकोण ने निभाई है।

 एसिड अटैक के विरूद्ध किए गए कार्य

लक्ष्मी अग्रवाल ने अपने ऊपर होने वाले एसिड अटैक के विरूद्ध कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की और आईपीसी,सीआरपीसी के तहत एसिड अटैक के खिलाफ नए कानूनों की मांग भी की। लक्ष्मी अग्रवाल ने देश भर में महिलाओं पर होने वाले एसिड अटैक के बढते मामलों के खिलाफ एसिड की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की। लक्ष्मी अग्रवाल ने एसिड अटैक सर्वाइवर को तत्काल न्याय दिलाने के लिए भूख हड़ताल भी की।लक्ष्मी अग्रवाल ने एसिड अटैक सर्वाइवर के लिए शिरोज हैंगआउट की शुरुआत भी की ।

लक्ष्मी अग्रवाल की जीवनी:- “छपाक

मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित फिल्म “छपाक” लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन पर आधारित है। मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित इस फिल्म में दीपिका पादुकोण और विक्रांत मेस्सी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। ये फिल्म 10 जनवरी 2020 को रिलीज हुई थी।

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ये फिल्म देश में बढ़ती हुई एसिड अटैक पीड़ितों के लिए प्रेरणा बनने वाली लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन पर आधारित है। जिन पर 15 साल की उम्र में एसिड अटैक हुआ था। इस फिल्म की मुख्य किरदार दीपिका पादुकोण जो मालती का अभिनय कर रही है। मालती एक महिला है जिस पर एसिड अटैक हुआ था। फिल्म में दर्शाया गया है कि एक एसिड अटैक होने के बाद किसी महिला की जिंदगी किस तरह से बदल जाती है। एसिड से चेहरा बुरी तरह जलने के बाद किस तरह मालती अपनी जिंदगी से हताश हो जाती है। इस घटना के बाद मालती अपनी मां से कहती है कि “नाक नहीं है,कान नहीं है, झुमके कहा लटकाऊँ” और मालती काफी निराश हो जाती है। यह फिल्म दर्शाती है कि चेहरे कि बनावट से आपकी ज़िन्दगी का फैसला नहीं होता। आपकी मेहनत और ईमानदारी से इंसान सफल होता है। ये फिल्म प्रेरणा है उन महिलाओं के लिए जिन पर एसिड अटैक हुआ है।

 सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर वे मालती अपनी इंसाफ की जंग को शुरू करती है और अंत में मालती को इंसाफ मिल ही जाता है। 

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