हैप्पी बर्थडे राजेश्वरी गायकवाड़ भारतीय क्रिकेटर :- कैसे बनी तेज़ गेंदबाज से एक स्पिनर

राजेश्वरी गायकवाड़ एक भारतीय महिला क्रिकेटर है। 2017 महिला विश्व कप में भारत को फाइनल में पहुंचाने में राजेश्वरी गायकवाड़ की महत्वपूर्ण भूमिका है। राजेश्वरी गायकवाड़ एक मिसाल है उन महिलाओं के लिए जो अपनी आर्थिक स्थिति के कारण क्रिकेट को छोड़ देती है। आज जानेंगे कि आर्थिक स्थिति ठीक ना होने पर भी किन हालातो में राजेश्वरी गायकवाड़ ने अपने पहले डेब्यू मैच तक का सफर तय किया। राजेश्वरी गायकवाड़ ने भारत को कई बार कठिन परिस्थितियों में से बाहर निकाल कर मैच को जीताया है। भारतीय महिला क्रिकेट में राजेश्वरी गायकवाड़ का अतुलनीय योगदान है। क्रिकेट जगत में राजेश्वरी गायकवाड़ ने कई रिकॉर्ड को अपने नाम किया है। आज हम  राजेश्वरी गायकवाड़ के उन संघर्ष को जानेंगे जिन्होंने राजेश्वरी गायकवाड़ को पूरे विश्व में एक अलग पहचान दी है। 

व्यक्तिगत जानकारी 

पूरा नाम            राजेश्वरी शिवानंद गायकवाड़
पिता का नाम       शिवानंद गायकवाड़
माता का नामसावित्री गायकवाड़
भाई का  नामविश्वनाथ गायकवाड़,   काशीनाथ गायकवाड़
बहन का नाम      रामेश्वरी गायकवाड़
जन्म                  1 जून 1991
निवास स्थान      विजयपुर,कर्नाटक,भारत
आयु28 साल
बल्लेबाजी की शैलीदाएं हाथ की बल्लेबाज
गेंदबाजी की शैली      दाएं हाथ की गेंदबाज

शुरुआती संघर्ष :-

 राजेश्वरी गायकवाड़ का शुरुआती सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा। राजेश्वरी गायकवाड़ ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि बचपन से ही उनके परिवार में उनके माता पिता उन पर किसी बात की बंदिश नहीं लगते थे। राजेश्वरी के दो भाई और तीन बहन है। राजेश्वरी के माता पिता ने उन्हें और उनके भाई बहन को हमेशा सपोर्ट किया है फिर वो चाहे पढ़ाई हो या गेम्स। राजेश्वरी गायकवाड़ के पिता एक प्राइमरी टीचर है। और उनकी माता एक गृहणी है। परिवार में एक ही आय का स्रोत होने के कारण राजेश्वरी गायकवाड़ के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। राजेश्वरी गायकवाड़ शुरू से ही बहुत सारे गेम्स खेलती थी। उन्होंने कई गेम्स की शुरुआत तो की लेकिन उन्हें वे बीच में ही छोड़ देती थी।

लेकिन जब उन्होंने क्रिकेट की शुरुआत की तो उन्होंने इसे एक जुनुनियत के साथ खेला। राजेश्वरी गायकवाड़ बताती है कि साल 2007 में एक वूमेंस क्रिकेट क्लब ने डिस्ट्रिक लेवल पर महिला खिलाड़ियों के चयन के लिए विज्ञापन जारी किया था। जिसमे कुल 200 महिलाओं का चयन हुआ था। जिसमे राजेश्वरी गायकवाड़ और उनकी एक बहन शामिल थी। चयन होने के बाद कुछ महिलाओं के फीस जमा ना कर पाने के कारण उनका चयन निरस्त करना पड़ा। राजेश्वरी गायकवाड़ भी फीस जमा करने में असमर्थ थीं परन्तु उनके पिता जी ने अभी हार नहीं मानी थी उनके पिता ने जैसे तैसे अपनी दोनों बेटियों की फीस समय पर जमा की। फिर राजेश्वरी गायकवाड़ को डिस्ट्रिक लेवल क्रिकेट की तैयारी शुरू कराई जाती है। और आखिरकार राजेश्वरी गायकवाड़ का चयन कर्नाटक राज्य की टीम के लिए होता है।  राजेश्वरी गायकवाड़ की मुश्किल अभी कम नहीं हुई थी। राजेश्वरी गायकवाड़ का टीम में चयन तो हो गया था परन्तु राजेश्वरी गायकवाड़ के पास मैच में पहनने के लिए जुटे और कपड़े नहीं थे। राजेश्वरी गायकवाड़ बताती है कि उस समय उन्होंने उनके पिता जी की एक सफेद पेंट को ही फिटिंग करा कर पहना था। और टी-शर्ट उन्होंने सेल से खरीदी थी। जब राजेश्वरी गायकवाड़ अपना मैच खेलने बैंगलोर जा रही थी तो उनके पास कुल 100 रुपये ही थे फिर जैसे तैसे उन्होंने मैच खेला। और जब पहली बार राजेश्वरी गायकवाड़ को अपना पहला डी.ए (जो को 9000 रुपये) मिला था। ये डी.ए उन्होंने अपने पिताजी को दिया था और उनके पिता के आंखो में आंसू आ गए थे। फिर समय के साथ राजेश्वरी गायकवाड़ ने अपने खेलने की कला में और भी सुधार किया।

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण:-

आखिरकार राजेश्वरी गायकवाड़ जब एक बार मैच खेलकर बैंगलोर से वापस लौट रही थी तब उनके कोच के पास फोन आता है कि राजेश्वरी गायकवाड़ का चयन भारतीय महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। जब ये खबर राजेश्वरी गायकवाड़ को पता चली तो सबसे पहले उन्होंने ये खबर अपने पिताजी को दी।

राजेश्वरी गायकवाड़ ने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच श्री लंका के विरूद्ध खेला। राजेश्वरी गायकवाड़ बताती है कि अपने पहले मैच में वे काफी दबाव में थी। लेकिन राजेश्वरी गायकवाड़ ने अपना पूरा ध्यान गेंदबाजी पर लगाते हुए श्री लंका के विरूद्ध अच्छा प्रदर्शन करते हुए 2 विकेट भी लिए। राजेश्वरी गायकवाड़ ने जब अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला तब वे भारतीय टीम में से किसी को नहीं जानती थी उन्होंने सिर्फ खिलाड़ियों के नाम सुने थे। राजेश्वरी गायकवाड़ ये भी बताती है कि भारतीय टीम में सभी खिलाड़ियों का व्यवहार काफी अच्छा है। सभी खिलाड़ी नए खिलाड़ियों को काफी सपोर्ट भी करते है। एक तरफ जहां भारतीय क्रिकेट में पदार्पण करने की खुशी के साथ राजेश्वरी गायकवाड़ अपने घर जा रही थी वहीं दूसरी और राजेश्वरी गायकवाड़ को कानो कान खबर नहीं थी कि उनके पिताजी का निधन हो गया है। भारतीय क्रिकेट में पदार्पण करने के साथ ही राजेश्वरी गायकवाड़ के पिता ने उनका साथ छोड़ दिया।

महिला विश्वकप 2017 में चयन

राजेश्वरी गायकवाड़ का चयन जब महिला विश्वकप 2017 में हुआ। तो पहले छः मैचों में तो राजेश्वरी गायकवाड़ को खिलाया ही नहीं गया। लेकिन जब राजेश्वरी गायकवाड़ को मौका दिया गया। तब राजेश्वरी गायकवाड़ ने अपने कैरियर के अभी तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन महिला विश्वकप 2017 में न्यूजीलैंड के खिलाफ किया। जिसमे राजेश्वरी गायकवाड़ ने मात्र 15 रन देकर 5 विकेट लिए थे। और भारत को विश्वकप के फाइनल मैच तक पहुंचाया। भारतीय टीम जब विश्वकप के दौरे से भारत वापस लौटी तब एक ओर जहां बाकी खिलाड़ी बार बार मीडिया की नज़रों में आते रहते है। वहीं राजेश्वरी गायकवाड़ ने पहले तो मीडिया को अपना इंटरव्यू देने से मना कर दिया बाद में वे राज़ी हो गई। राजेश्वरी गायकवाड़ ने अपने इंटरव्यू में कहा कि वे ऐसे स्थान से है जो अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। राजेश्वरी गायकवाड़ ने कहा कि “उन्होंने मीडिया और क्रिकेट दर्शकों से इस प्रकार की प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं की थी। आज अगर उनके पिता होते तो उन्हें सबसे ज्यादा गर्व होता”

कर्नाटक सरकार द्वारा कार उपहार करने पर राजेश्वरी गायकवाड़ की प्रतिक्रिया :-

जिला प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री एमबी पाटिल ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय महिला क्रिकेटर राजेश्वरी गायकवाड़ को एक मिडसिग्मेंट की कार उपहार स्वरूप प्रदान करने की घोषणा की। इस पर राजेश्वरी गायकवाड़ में कहा कि उन्हें कर की नहीं बल्कि एक घर की जरूरत है। क्युकी राजेश्वरी गायकवाड़ अभी भी किराए के घर में रहती है जिसके कारण उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है

गायकवाड़ कैसे बनी तेज़ गेंदबाज से एक स्पिनर:-

राजेश्वरी गायकवाड़ को शुरू से ही तेज़ गेंदबाजी करना पसंद था और वे शुरू से ही तेज़ गेंदबाज थी पर जब राजेश्वरी गायकवाड़ ने कर्नाटक राज्य के लिए अपना मैच खेला तब उस मैच में अपनी गेंदबाजी के खराब प्रदर्शन के कारण उनके कोच ने राजेश्वरी गायकवाड़ से स्पिन गेंदबाजी करने को कहा लेकिन राजेश्वरी गायकवाड़ ने स्पिन गेंदबाजी करने से मना कर दिया फिर बाद में उनके पिता जी के समझाने के बाद राजेश्वरी गायकवाड़ ने स्पिन गेंदबाजी शुरू की ओर आज राजेश्वरी गायकवाड़ भारतीय क्रिकेट टीम में एक स्पिन गेंदबाज की भूमिका निभा रही है।

राजेश्वरी गायकवाड़ सोशल प्रोफाइल

राजेश्वरी गायकवाड़ इंस्टाग्राम प्रोफाइल

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